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दिग्विजय सिंह का आरएसएस और बीजेपी पर निशाना, कहा- RSS एवं भाजपा नेता 1947 के पहले ब्रिटिश हुकुमत का दे रहे साथ

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(image credits: india today)

हाल ही में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बीजेपी नेता द्वारा जवाहर लाल नेहरू की आलोचना करने पर जवाब दिया था। वहीं इस बार कांग्रेस नेता ने मौजूदा सरकार से जुड़े संस्था आरएसएस पर निशाना साधा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 1947 से पहले ब्रिटिश हुकुमत का साथ दे रहा था और उसने भारत छोड़ो आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का विरोध किया था।

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कांग्रेस नेता ने सवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय ताकत को बल दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर सहित जूनागढ़ और हैदराबाद को क्या भाजपा और आरएसएस ने देश में विलय किया?’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या कश्मीर को भारत का अंग बनाने में आरएसएस या बीजपी का हाथ रहा?’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये (आरएसएस एवं भाजपा नेता) तो सन 1947 के पहले ब्रिटिश हुकुमत का साथ दे रहे थे और इन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में (महात्मा) गांधी जी का विरोध किया।

इतना ही नहीं मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने जम्मू कश्मीर से विशेष दर्जे को हटाये जाने पर, बीजेपी से पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके अटल विहारी वाजपेयी की नीतियों के बारे में चर्चा की। कांग्रेस नेता ने कहा की, भाजपा ने यह कहा था कि अटल बिहारी वाजपेयी की नीति थी कि जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत के रास्ते से ही कश्मीर का समाधान निकाला जा सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीनों चीजों को ठुकरा दिया है ।

यह पहली बार नहीं है जब आरएसएस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाए गए है। अभी हाल ही में इंदौर में कांग्रेस नेता ने आरएसएस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा था की, आरएसएस महिला विरोधी संगठन है। उन्होंने कहा कि वे जय सियाराम क्यों नहीं बोलते ? सिंह ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस लोगों की मानसिकता को प्रभावित कर रहे हैं।


बता दें की दिग्विजय सिंह अक्सर आरएसएस पर आरोप लगाने के कारण चर्चाओं में बने रहते है। देखा जाये तो आरएसएस पर सिर्फ विपक्षी दलों द्वारा ही आरोप नहीं लगाए जाते है, बल्कि यह संस्था देश में महतपूर्ण लोगो द्वारा भी आलोचना के कारण सुर्खियों में बनी रहती है। कुछ महीनो पहले रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रह चुके रघुराम राजन ने भी आरएसएस की सोच पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था की आरएसएस का संकीर्ण वैश्विक दृष्टिकोण भारत के लिए गतिरोध बन सकता है।

आरएसएस पर अक्सर विपक्षी पार्टियों द्वारा बीजेपी के निर्णय को प्रभावित करने का आरोप लगाए जाते है। विपक्षी दलों का यह मानना है की अधिकतर मामलो में बीजेपी द्वारा बड़े निर्णय लेते वक्त आरएसएस संस्था का प्रभाव होता है।

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