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विधानसभा चुनाव में EVM की जगह मत पत्रों के इस्तेमाल को किया इंकार, EC चीफ ने दिया यह जवाब

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(image credits: india today)

महाराष्ट्र में आने वाले चुनाव में मत पत्रों के इस्तेमाल को चुनाव आयोग प्रमुख सुनील अरोड़ा ने साफ साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है की मत पत्र इतिहास का हिस्सा बन गया है। साथ ही उन्होंने ईवीएम का बचाव करते हुए कहा की इससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। मालूम हो की लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी पार्टियों ने evm को लेकर मौजूदा सरकार पर निशाना साधा था।

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मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की सीमा में फिलहाल बदलाव नहीं हो सकता। शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) जैसी पार्टियों द्वारा प्रति उम्मीदवार चुनावी खर्च की सीमा मौजूदा 28 लाख रूपये से बढ़ाने की मांग के मद्देनजर उनकी यह टिप्पणी आई।

अरोड़ा ने कहा, ‘पार्टियां इस मुद्दे (ईवीएम) को उठाती रही हैं. हमने उन्हें विनम्रता और दृढ़ता से कहा है मत पत्र अब इतिहास हो गये हैं. और मैं आपसे कह सकता हूं कि हम सभी कह सकते हैं…कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती.’ बता दे की कांग्रेस और राकांपा ने ईलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताया है।

उन्होंने आगे कहा ‘यह किसी अन्य मशीन…आपकी घड़ी या गाड़ी की तरह खराब हो सकती है. लेकिन इससे छेड़छाड़ नहीं हो सकती. यह अन्य मशीनों से हट कर है। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने ईवीएम से जुड़े मुद्दे पर अपने फैसलों में एक तरह से इस बात को बरकरार रखा है।

मत पत्रों के इस्तेमाल के आलावा विपक्षी पार्टियों ने त्यौहार को लेकर चुनाव की विशेष तारीखों की मांग की। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसे भी इंकार कर दिया है। हालांकि आयुक्त का कहना है की इन मामलो में तारीखों पर फैसला करने से पहले आयोग विभिन्न कारकों को ध्यान में रखता है जैसे कि छुट्टियां और स्कूल, बच्चों की परीक्षाएं, विभिन्न धर्मों के महत्वपूर्ण त्योहार आदि।


देखा जाये तो विपक्षी पार्टियों द्वारा बार बार evm का विरोध करने पर भी चुनाव आयुक्त द्वारा उनके सवालों पर ध्यान नहीं देना सही नहीं है। हर बार चुनाव आयोग कोई कोई न बहाना बनाकर evm का बचाव करता दिखता है। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर मशीन में गड़बड़ी भी पाई गई थी। इसके बाद भी आयुक्त सुनील अरोड़ा द्वारा हर बार विपक्षी पार्टियो द्वारा evm को लेकर किये गए विरोध को अनदेखा कर दिया गया, जो की उचित नहीं है।

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