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इस कारण बीजेपी सांसद को लोकसभा स्पीकर ने दी नसीहत, कहा – ‘‘वहां लड़े, यहां नहीं लड़ें’’

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(image credits: Mangalorean.com)

सदन में कुछ बीजेपी नेता किसी मुद्दे पर बात करते वक्त यह भूल जाते है की वह सदन में है। अभी कुछ दिनों पहले बीजेपी सांसद रवि किशन लोकसभा में भोजपुरी भाषा को बाकि प्रमुख भाषाओ में शमिल करने की मांग कर रहे थे, इसी दौरान उन्होंने भोजपुरी गीत गाना शुरू कर दिया। जिसपर लोकसभा स्पीकर ने उन्हें बीच में टोकते हुए सदन में गीत न गाने की नसीहत दे डाली। इसके बाद उन्हे उनके भाषण को जारी करने को कह दिया गया।

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कुछ इसी प्रकार एक बार फिर लोकसभा में बृहस्पतिवार को भाजपा की एक सांसद शोभा करांदलज से जुड़ा मामला सामने आया है। दरअसल सांसद जब कावेरी जल को लेकर तमिलनाडु के साथ काफी समय से लंबित विवाद का जिक्र किया, तब स्पीकर ओम बिड़ला ने उन्हें कहा कि ‘वहां लड़ें, यहां नहीं।’ इस दौरान उन्होंने पड़ोसी राज्यों से विपक्ष की कुर्सियों पर बैठे सदस्यों की ओर भी इशारा किया। इस पर स्पीकर ने टिप्पणी की, ‘‘वहां लड़े, यहां नहीं लड़ें’’, जिससे सदन में सदस्यों के ठहाके गूंज उठे।

इस मामले में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राज्यों के बीच ज्यादातर नदी विवाद अदालतों में या अधिकरणों में हैं। शेखावत ने राज्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा, ‘‘आदर्श स्थिति यह है कि नदियों को जोड़ा जाए। अधिकरण के फैसले आने के बाद ही प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। हमने नदियों के कई लिंक (नदियों को जोड़ने) की पहचान की है। यदि हालात से कुछ समझौता (पानी की जरूरतों और उपलब्धता) सारे राज्य करें, तो इसका स्थायी समाधान किया जा सकता है। राज्यों को इस पर एक साथ बैठ कर विचार करना चाहिए।’’

इसी बीच स्पीकर ने कहा कि वह इस विषय को नियम 139 के तहत चर्चा के लिए लगा रहे हैं। इस पर सभी सदस्यों को अपनी बात रखने की अनुमति देंगे।मंत्री ने कहा देश में 65 प्रतिशत से ज्यादा पेयजल भूजल पर निर्भर है। और जल शक्ति अभियान के अंतर्गत 256 भूजल कमी वाले जिलों में कुल 1592 ब्लॉक चयनित किए गए हैं। ब्लॉकों की स्थिति में मंत्री ने कहा, 1592 ब्लॉक में से 312 बहुत गंभीर स्थिति वाले ब्लॉक हैं, 1186 ब्लॉक भूजल के अत्यधिक उपयोग वाले हैं और बाकी 94 ब्लॉक में भूजल की उपलब्धता कम हैं।

शेखावत ने आगे कहा, (आईएमआईएस) समन्वित प्रबंध सूचना प्रणाली पर राज्यों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभी देश में कुल 17.87 करोड़ ग्रामीण परिवारों में करीब 3.27 करोड़ (लगभग 18.33 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों को नल से पेयजल मिल रहा है। उन्होंने कहा 2019-20 के केंद्रीय बजट भाषण में घोषणा की गई है, जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को पाइप से जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।


बीजेपी नेताओ द्बारा सदन में भाषण देते वक्त क्रोध में आकर उत्तेजित हो जाना उचित नहीं है। उन्हे यह मालूम होना चाहिए की सदन में आप अपने विचारो को रख सकते है। सदन में किसी भी प्रकार की अनुसाहनहीनता उचित नहीं है, सदन में आपको लड़ने के लिए नहीं भेजा जाता। बल्कि इस जगह पर आप शानितपूर्ण तरीके से किसी विषय पर टिप्पणी कर सकते हो या जनहित के लिए कोई न मुद्दा उठा सकते हो।

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