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इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा, बंगाल में 20 घंटे पहले रुका चुनाव प्रचार

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(Image Credits: btvi.in)

हाल ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रोड शो किया। इस रोडशो के दौरान कुछ ऐसी घटनाये हुई। जिसके कारण चुनाव आयोग को इतिहास में पहली बार इस प्रकार का फैसला लेना पड़ गया। दरअसल बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में बहस हो गई। बहस इतनी आगे बढ़ गई जिसके कारन आगजनी और तोड़फोड़ की नौबत आ गई।

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बता दे की पश्चिम बंगाल में लोकसभा की उन नौ सीटों के लिए बृहस्पतिवार को रात 10 बजे प्रचार समाप्त हो गया, जहां अंतिम चरण में चुनाव होने हैं। इस सन्दर्भ में चुनाव आयोग ने फैसला लेते हुए तय समय सीमा से 20 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार खत्म करने का आदेश दिया। चुनाव आयोग द्वारा इस प्रकार का कदम चौकाने वाला है।

चुनाव आयोग ने बताया कि दक्षिण बंगाल की नौ संसदीय सीटों पर रविवार को चुनाव होंगे। जहां 111 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाताओं द्वारा किया जाएगा। रविवार को जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें कोलकाता उत्तर एवं कोलकाता दक्षिण, दम दम, बारासात, बशीरहाट, जादवपुर, डायमंड हार्बर, जयनगर (आरक्षित) और मथुरापुर (आरक्षित) सीट शामिल हैं।

भारतीय चुनाव के इतिहास में इस तरह की यह पहली कार्रवाई है। जिसमे चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नौ सीट पर प्रचार को शुक्रवार शाम छह बजे समाप्त करने की बजाए बृहस्पतिवार को रात 10 बजे खत्म करने का बुधवार को आदेश दिया। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए नौ सीटों के लगभग सभी मतदान केंद्रों पर आयोग ने केंद्रीय बलों की कुल 710 कंपनियों की तैनाती की है।

चुनाव आयोग की इस ऐतिहासिक कार्रवाई पर विपक्षी पार्टियों ने नाराजगी जताई। कांग्रेस समेत तीन विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग के इस आदेश को लेकर मुलाकात की और इसे समान अवसरों के सिद्धांत का “उल्ल्घंन” बताया। और इसके साथ ही चुनाव निकाय से प्रचार के लिए कम से कम आधा और दिन देने की अपील की है।


चुनाव प्रचार के साथ साथ TMC ने देश में किसी किसी जगहों पर चुनाव के दौरान EVM में हुई गड़बड़ी पर भी ध्यान दे रही है। जिसे देखकर पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी ने अपने कार्यकर्ताओं, लोकसभा प्रत्याशी और पार्टी पदाधिकारियों को चेताया है। और उनसे कहा कि वह ईवीएम की सुरक्षा पर ध्यान दें।

टीएमसी ने एक गोपनीय संदेश में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को कहा है कि भाजपा और चुनाव आयोग ईवीएम बदलने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए पार्टी ने अपने नेताओं को सीसीटीवी सर्विलांस और भौतिक रुप से ईवीएम की सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

चुनाव आयोग द्वारा बंगाल में चुनाव प्रचार के समय में 20 घंटे की कटौती करना थोड़ा अजीब लगता है। चुनाव आयोग का कहना है की उन्होंने यह फैसला पच्छिम बंगाल में अमित शाह की रैली के द्वारा हुई घटना को देखते हुए लिया है। लेकिन रैली के दौरान दोनों कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने वाली घटना में बीजेपी कार्यकर्ताओ का हाथ देखा जा रहा है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिससे यह बात साफ़ हो जाती है। लेकिन चुनाव आयोग ने इस घटना को देखते हुए बीजेपी पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जो की उचित नहीं है। हालाँकि नेशनल दस्तक उस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वैसे घटना की पुष्टि तो जाँच के बाद ही हो पाएगी।

चुनाव आयोग द्वारा प्रचार के समय में कटौती करने से दूसरी पार्टियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। आयोग द्वारा उठाया गया यह कदम अन्य पार्टियों के लिए बहुत सख्त शाबित हो रहा है। उनके इस कदम से सभी पार्टियों को समान अवसरों वाले सिद्धांत का उल्लंघन हुआ है।

देखा जाये तो, जब निर्वाचन आयोग को ऐसे सख्त कदम उठाने चाहिए थे, तब वह इनसे परहेज करता रहा। आयोग द्वारा उस पार्टी पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, जिनके नेताओं ने इस लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक आचार संहिता का उल्लंघन किया है। चुनाव आयोग का इस प्रकार का रवैय्या बिलकुल भी उचित नहीं है।

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