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आरक्षण को लेकर कमलनाथ सरकार ने लिया यह फैसला, जानिए पूरा मामला

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(image credits: IndiaTV News)

आरक्षण किसी भी सरकार के लिए बड़ा मुद्दा रहा है, कुछ बड़ी पार्टियां इसको मुद्दा बनाकर कभी कभी वोट पाने में कामयाब भी हो जाती है। कुछ इसी तरह मौजूदा सरकार ने लोकसभा चुनाव से कुछ महीनो पहले सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया। जिसका फायदा उन्हें लोकसभा चुनाव के परिणाम के रूप में देखने को मिला।

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वहीं अब मध्य प्रदेश कमल नाथ सरकार ने आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। काँग्रेस सरकार ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में राज्य के युवाओं को 70 फीसदी आरक्षण देने की तैयारी कर लिया है। दरअसल मंगलवार को मंदसौर विधानसभा से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह ने राज्य में राेजगार देने को लेकर सवाल पूछा था। जिसके कारण इस पर कांग्रेस और भाजपा विधायकों के बीच बहस शुरू ही गई। इसके बाद कमलनाथ ने सदन को आरक्षण के बारे में यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा निजी क्षेत्रों में राज्य के स्थायी निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही नई औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजना में आरक्षण के प्रावधान रखे गए हैं। कमलनाथ ने आगे बताया कि औद्योगिक इकाई शुरू होने के बाद पर इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत कुल रोजगार का 70 प्रतिशत मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को ही देनी होगा।

कांग्रेस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई सालों से यहां के बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि मैंने शपथ लेने के बाद अगले दिन यह घोषणा की थी कि मध्यप्रदेश के नौजवानों को निजी क्षेत्र में 70 प्रतिशत रोजगार उन उद्योगों को देना होगा, जो सरकार से वित्तीय तथा अन्य सुविधाओं का लाभ लेंगे।

बता दें की मध्यप्रदेश शासन के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने 19 दिसम्बर 2018 को एक आदेश निकाला है जिसमें मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को रोजगार देने का प्रावधान किया है। आदेश में यह कहा गया है की, “उद्योग संवर्धन नीति” 2014 (यथा संशोधित 2018) के अंतर्गत प्रावधानित वित्तीय तथा अन्य सुविधाओं का लाभ लेने वाली इकाईयों को उनके द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले कुल रोजगार का 70 प्रतिशत रोजगार मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को दिया जाना अनिवार्य होगा। कमलनाथ ने कहा, उपरोक्त आदेश के बाद उन्हीं उद्योगों को राज्य शासन वित्तीय एवं अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएगी जो अपने उद्योग में कुल रोजगार का 70 प्रतिशत मध्यप्रदेश के रहवासियों को उपलब्ध करवाएंगे।


इस संदर्भ में मध्यप्रदेश जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, मप्र में जो उद्योग आएंगे उन्हें 70 फीसद रोज़गार राज्य के युवाओं को देना होगा, ऐसा कोई कानून पूरे देश में नहीं है। वहीँ भाजपा नेता यशपाल सिसौदिया ने प्रदेश सरकार की इस योजना को सिर्फ शिफुगे की तरह बताया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सिर्फ बेरोज़गारों को छलने के काम कर रही है।

आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा उठाया गया कदम वहां के निवासियों के लिए फायदा हो सकता है। काँग्रेस द्वारा उठाये गए इस निर्णय के पीछे क्या कारण हो सकते है। यह तो हमे नहीं मालूम, लेकिन इतना जरूर है, कांग्रेस पार्टी इन छोटे छोटे प्रयासों के द्वारा राज्य में लोगो के बीच अपनी पकड़ बनाना चाहती है।

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