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जानिए सपा सांसद राम गोपाल यादव और वेंकैया नायडू के बीच अकेले मुलाकत का राज

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(image credits: Jansatta)

देश में आम लोगो के बीच अंधविश्वास का होना आम बात है। अभी भी देश की काफी जनसंख्या में साक्षरता की कमी होने के कारन अंधविश्वास से जुड़े किस्से सुनने को मिलते है। यह तो हुई आम लोगो की बात, परन्तु जब देश में नेताओं द्वारा अन्धविश्वास की बात की जाएगी तो यह ठीक नहीं होगा। राज नेताओं को लोगो द्वारा चुना जाता है और जिसके कारन उनपर देश की बड़ी जिम्मदारी भी होती है।

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परन्तु जब कुछ नेता ही अन्धविश्वास पर भरोसा करेंगे तो देश की जनता उनपर कैसे भरोसा कर पायेगी। कुछ ऐसा ही मामला समाजवादी पार्टी के नेता व राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव के सम्बन्ध में देखने को मिल रहा है। दरअसल सपा नेता ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से अकेले में मुलाकात की है। सपा नेता ने इस मुलाकात के दौरान एक ‘खास परेशानी’ का जिक्र किया।

मुलाकात में सपा सांसद ने टूटे शीशे का कारण दिन की शुरुआत ‘अपशकुन’ के साथ होने का मुद्दा रखा। उन्होंने राज्यसभा सभापति से कहा कि लॉबी में लगे लिफ्ट में शीशा अक्सर टूटा रहता है। इस लिफ्ट का प्रयोग कैंटीन स्टाफ भी सामान लाने ले जाने में करते हैं। इस लिफ्ट का प्रयोग कैंटीन स्टाफ भी सामान लाने ले जाने में करते हैं। यादव ने आगे कहा कि सुबह-सुबह टूटा शीशा देखना ‘अपशकुन’ होता। उन्होंने नायडू से इस समस्या को दूर करने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों को इस समस्या को दूर करने का आदेश दिया।

बता दें की राज नेताओं के लिए अपशकुन, अंधविश्वास जैसी चीजें कोई नई बात नहीं है। पिछले साल हिंदी पट्टी के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस नेताओं में अंधविश्वास देखने को मिला था। पार्टी ने शुभ मुहूर्त के इंतजार के बाद 17 दिंसबर को भोपाल, जयपुर और रायपुर में एक दिन शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया था। 11 दिंसबर को चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद हिंदू कैलेंडर के अनुसार अगले 5 दिन पंचक थे। पंचक को अशुभ माना जाता है।

इस मामले में बीजेपी नेता भी पीछे नहीं है, बताया जाता है कि 13 साल मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान अशोकनगर शहर में नहीं गए थे। ऐसा अंधविश्वास है कि मुख्यमंत्री रहते जब भी किसी ने वहां का दौरा किया वह अगला चुनाव नहीं जीत पाया।


मामले में भाजपा के ही एक नेता ने अशोक नगर से जुड़े अंधविश्वास पर बताया कि कांग्रेस के श्याम चरण शुक्ला, पीसी सेठी, अर्जुन सिंह, मोती लाल वोरा, भाजपा के सुंदर लाल पटवा अशोक नगर का दौरा करने के बाद सत्ता में वापसी नहीं कर सके।

यहां देखने वाली बात यह होगी की बीजेपी नेताओं द्वारा इन अंधविश्वास को मानना बिलकुल भी उचित नहीं है। हम बीजेपी नेताओं की बात इसलिए भी कर रहे है क्यूंकि वर्तमान में उनकी ही पार्टी को लोगो ने बहुमत दिया है। अक्सर मौजूदा सरकार साक्षरता की बात करती है लकिन उनके पार्टी के कुछ लोगो द्वारा इस तरह के चीजों में यकीन रखना अजीब लगता है।

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