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चुनाव के लिए राम मंदिर का मुद्दा छोड़ अब दूसरा मुद्दा उठाएगी आरएसएस

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(Image Credits: indianfolk.com)

लोकसभा चुनाव को लगभग कुछ ही दिन बाकि रह गए है। ऐसे में सभी पार्टियों द्वारा नए नए मुद्दे उठाकर लोगो को अपनी तरफ करने की कोशिश की जा रही। पार्टियां उन सभी मुद्दों को हवा देने की कोशिश करेगी जिससे जनता का झुकाव उनकी तरफ हो जाये। देश में कुछ पार्टियां चुनाव से पहले समय समय पर अलग अलग मुद्दों को उठाकर जनता के बीच एक ख़ास माहौल बनाने की कोशिश करती है।

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इसी तरह भाजपा कभी राम मंदिर का मुद्दा उठाती है। तो कभी पार्टी द्वारा भारतीय सेना के आड़ में राष्ट्रवाद का मुद्दा उठाया जाता है। कौन सा मुद्दा की कितने समय तक चलेगा ये तो मुद्दे की महत्वता से और जनता पर निर्भर करता है। जम्मू कश्मीर में हाल ही में CRPF जवानो के साथ घटी घटना से मानसिक रूप से पूरा देश प्रभावित हुआ है। इस घटना के करीब एक सफ्ताह बीतने के बाद अब कुछ पार्टियों ने तो इसको लेकर राजनीति भी शुरू कर दी है।

इसी प्रकार भाजपा से जुडी आरएसएस ने भी अब इसे नया मुद्दा बनाने की योजना बना ली है। अगर नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार बात करते हैं तो बीजेपी और आरएसएस द्बारा इस महीने की शुरआत में धीरे धीरे राम मंदिर के मुद्दा बनाकर नरेंद्र मोदी को वापस सत्ता में लाने की कोशिश की गई। परन्तु अब आरएसएस जम्मू कश्मीर में हुई घटना और आतंकवाद को मुद्दा बनाएगी। इस बात के संकेत आरएसएस संघ की विदर्भ प्रांत में मंगलवार को हुई मीटिंग में देखने को मिले।

दरअसल अब आरएसएस को भी पता चल गया था की राम मंदिर का मुद्दा पुराना हो गया है। और अब लोगो ने भी इस पर से भरोसा करना छोड़ दिया है।संघ ने जनता के मिजाज में हुए परिवर्तन को भांप लिया है, और यह भी जान लिया की उन्हें अब किसी नए मुद्दे की जरूरत थी, जिससे की पार्टी की तरफ लोगो का फिर से झुकाव हो सके।

संघ अब लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा छोड़कर अब नए मुद्दे के लिए अभियान चलाएगी। और यह कोशिश करेगी की पार्टी और आरएसएस इस मुद्दे के सहारे जनता का भरोसा जीत सके। जिससे की लोकसभा चुनाव में पार्टी जनता के इस भरोसे की मदद से ज्यादा से ज्यादा वोट बटोर सके।


इसका मतलब अब हमे यह समझना होगा की बीजेपी द्वारा राम मंदिर के मुद्दे उठाना सिर्फ और सिर्फ एक राजनीति ही थी। ऐसा करके पार्टी ने उन लोगो के साथ खिलवाड़ किया है जो राम मंदिर पर अपनी आस्था रखते हैं। और न जाने मोदी सरकार ने ऐसा करके कितने ही लोगों के आखों में धुल झोका हैं। इससे एक बात तो शाबित हो जाती है की बीजेपी चुनाव जीतने के लिए जनता की आस्थाओं वाले विषय को भी एक चुनावी मुद्दा बनाने से पीछे नहीं हटती है।

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