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ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- दम हो तो बंगाल से चुनाव लड़ें, नोटबंदी की तरह फेल होंगे

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(Image Credits: India Today)

लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है। कभी भाजपा विपक्षी पार्टी कांग्रेस से उनके 60 साल में किये गए कामो का हिसाब मांगती है तो कभी कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के पांच सालो के कार्यकाल में उनकी विफलताओं को गिनाने लगती है। इसके साथ साथ अन्य पार्टियां भी सरकार द्वारा उठाये गए कदमो को लेकर उनपर निशाना साधती है, और कभी कभी तो सरकार को चुनौती भी दे देती है।

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इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से मुख़्यमंत्री ममता बनर्जी ने आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कड़ी चुनौती दे दी है। बुधवार को ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दी और कहा अगर उनमे हिम्मत है तो पश्चिम बंगाल से चाहे जितनी भी सीटों से चुनाव लड़कर दिखाए। मुख़्यमंत्री ने कहा अगर मोदी ऐसा करते है तो वो नोटबंदी की तरह ही यहां फ़ैल हो जायंगे।

दरअसल ममता बनर्जी ने यह बयान मोदी के बंगाल से लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना पर संवाददाताओं के एक खास सवाल के जवाब में दिया, उन्होंने कहा, “कोई भी व्यक्ति किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकता है. यह एक लोकतांत्रिक अधिकार है. मैं भी वाराणसी से लड़ सकती हूं. लेकिन यदि वह बंगाल से लड़ते हैं तो उनकी स्थिति नोटबंदी जैसी होगी. वह जनता की अदालत में दंडित किए जाएंगे.”

ममता बनर्जी ने बताया की लोकतंत्र में किसी को भी कहीं से भी चुनाव लड़ने का अधिकार है। परन्तु अगर प्रधानमंत्री मोदी बंगाल से लड़ेंगे तो उनकी हालत नोटबंदी जैसी होगी। आगे उन्होंने कहा, “मैं समझती हूं कि देश को उन्होंने जो नुकसान पहुंचाया है, उसके लिए उन्हें लोगों को जवाब देना होगा. वह लड़ें, हमें बहुत खुशी होगी. यदि वह एक सीट से आश्वस्त नहीं हैं, तो सभी 42 सीटों पर लड़ें.”

बता दें की पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें है। ममता बनर्जी ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के ताबूत की अंतिम कील शाबित होगी। उन्होंने दावा करते हुए कहा, “बंगाल के मतदान केंद्र अत्यंत संवेदनशील हैं. वे लड़ें और अपनी राजनीतिक सेना लेकर आएं -आरएसएस, बजरंग दल..वे बंगाल आएं और यहां के भोजन और संस्कृति का आनंद लें. जनता उन्हें बाय-बाय कहेगी.”


यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है, मुख्यमंत्री ने पहले भी लोकसभा चुनाव की तारीख को लेकर मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा की चुनाव की तारीख को जानबूझकर लम्बा खीचा गया था ताकि बीजेपी बंगाल को परेशान करने की अपनी योजना के तहत एक और (स्ट्राइक) करा सके।

ममता बनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, “कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने मुझे बताया है कि एक और हमला (स्ट्राइक) होगा। मैं नहीं कह सकती कि किस तरह का हमला। अप्रैल में तथाकथित के नाम पर एयर स्ट्राइक हो सकता है। इसी वजह से यह (मतदान की प्रक्रिया) 19 मई तक जारी रहेगी।”

हालांकि इसके बाद उन्होंने यह भी कहा की, “कृपया मुझे गलत तरीके से पेश नहीं करें। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। लेकिन पश्चिम बंगाल में माहौल खराब करना बीजेपी की योजना का हिस्सा है।”

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी चुनाव की तारीखों को लेकर सवाल उठाये थे। और यह कहा है कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान मतदान होने से रोजा रखने वाले मुस्लिम वोटरों को दिक्कतें पेश आएंगी। वहीं ममता बनर्जी ने कहा, “मैं अपने राज्य के लोगों को जानती हूं। बंगाल के लोगों के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। लेकिन बीजेपी उनके प्रति अनादर दिखा रही है। उन्होंने मेरे और बंगाल के खिलाफ साजिश की है, लेकिन यह उन पर उल्टा पड़ेगा।”

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है। वहां लोकसभा की 80 सीटें हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में लोकसभा की मात्र 42 सीटें हैं। लेकिन दोनों राज्यों में सात चरणों में मतदान कराया जा रहा है। यह समझ से परे है।

ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती देने से यह पता चलता है की उनकी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी के खिलाफ पूरी तैयारी कर ली है। और इसके साथ साथ तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में लोगो का भरोसा भी जीत लिया है। पश्चिम बंगाल में लोगो द्वारा आने वाले चुनाव
में मौजूदा सरकार के बजाय राज्य सरकार को सहमति देने से यह पता चलता है की लोग अब बीजेपी की जुमलों और सच्चाई को जान गए है।

देश की जनता मौजूदा सरकार की विफलताओं को पहचान गई है। और आने वाले चुनाव में लोगो ने इसका जवाब देने का भी तय कर लिया है। बीजेपी सरकार अपने 5 साल के कार्यकाल में जनता से किये गए वादों को पूरा करने में असमर्थ रही है। और इसी कारण लोगो का सरकार के प्रति भरोसा अब टूट चूका है।

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