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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर के चुनाव लड़ने पर मायावती ने साधा भाजपा पर निशाना

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मायावती ने ट्विटर पर लिखा, “दलितों का वोट बांटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए ही बीजेपी भीम आर्मी के चन्द्रशेखर को वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़वा रही है। यह संगठन बीजेपी ने ही षडयंत्र के तहत बनवाया है और इसकी आड़ में भी अपनी दलित-विरोधी मानसिकता वाली घिनौनी राजनीति कर रही है।”

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने रविवार को भाजपा पर निशाना साधा है होने वाले लोकसभा चुनाव में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को वाराणसी से चुनाव मैदान में उतारने की कथित साजिश रचने का आरोप लगाया है. बसपा सुप्रीमो ने आज़ाद पर यह आरोप लगाया है की दलित वोट को बांटकर भाजपा को फ़ायदा पहुंचना चाह रहे है. वह भाजपा की चाल को नहीं समझ पा रहे। आजाद ने गुरुवार को वाराणसी से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र में मात देने का दावा किया.

बसपा प्रमुख मायवती ने अपनी सभी वोटरों से अपील करते हुए आगे लिखा की , ‘बीजेपी ने गुप्तचरी करनेे के लिये पहले चन्द्रशेखर को बी.एस.पी. में भेजने का प्रयास किया लेकिन उनका यह षडयंत्र विफल रहा। अहंकारी, निरंकुश व घोर जातिवादी व साम्प्रदायिक बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिये आपका एक-एक वोट बहुत कीमती है। इसे किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने दे : अपील।”

भीम आर्मी प्रमुख ने भी बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा खुद को बीजेपी का गुप्‍तचर बताए जाने पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर का कहना है, ‘मुझे लगता है बहन जी को गुमराह किया जा रहा है। सतीश चंद्र मिश्रा द्वारा उन्होंने हमारे सभी साहेब कांशीराम जी की टीम के साथियों को एक-एक करके बीएसपी से निकलवा दिया है। तभी आज इतने बड़े विरोध के बाद भी ब्राह्मणवादी और संविधान विरोधी लोगों को टिकट देकर संसद में भेजने की तैयारी चल रही है।’


इससे पहले गुरुवार को, आज़ाद ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि उन्होंने इस सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है क्योंकि महागठबंधन के पास मोदी के खिलाफ कोई प्रबल दावेदार नहीं है. आजाद ने कहा था, ‘मैं इस सीट से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लडूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो देश को कमजोर कर रहा हो, उत्तर प्रदेश से जीत जाए. मैंने पहले ही कहा था कि अगर बहनजी (मायावती), अखिलेश भाई या मुलायम सिंह यादव सीट से नहीं लड़ते हैं, तो मैं वाराणसी से चुनाव लडूंगा. मैं मोदी के खिलाफ एक मजबूत उम्मीदवार चाहता था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है. मैं मोदी को आसानी से जीतने नहीं दूंगा.’

किसी राजनीतिक दल के साथ किसी भी संभावित गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि वह इस समय किसी का समर्थन नहीं कर रहे हैं और यह देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं कि कौन उनका समर्थन कर रहा है.

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