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मायावती: चुनाव आयोग जातिगत मानसिकता से ग्रसित, मोदी पर रोक लगाने की हिम्मत नहीं

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(Image Credits: moneycontrol.com)

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने चुनाव आयोग द्वारा प्रचार पर लगाई गई रोक को लेकर आयोग पर जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त होने का आरोप लगाया है। आयोग की इस कार्रवाई के बाद मायावती ने सोमवार रात 9 बजे करीब लखनऊ में प्रेसवार्ता कर चुनाव आयोग पर सीधे तौर पर निशाना साधा है। चुनाव आयोग ने मायावती के प्रचार पर 48 घंटे की रोक लगाई है. वह 16 और 17 अप्रैल को कोई चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगी.

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आपको बता दे की बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी के देवबंद में चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से वोटों के लिए अपील की थी. मायावती ने अपने संबोधन में कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें. मायावती का ये बयान धर्म के नाम पर वोट मांगने के नियम का उल्लंघन माना गया है, जिसको लेकर उन्हें चुनाव आयोग ने नोटिस ज़ारी कर 48 घंटो के लिए उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है।

वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने एक संबोधन में मायावती पर हमला करते हुए कहा था कि अगर विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं. दोनों नेताओं के इन बयानों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था। चुनाव आयोग ने जिसके बाद योगी आदित्यनाथ 72 घंटे और मायावती 48 घंटे तक प्रचार नहीं कर पाएंगी. इस दौरान दोनों नेता ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे और ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकेंगे.मायावती 16 और 17 अप्रैल को कोई चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगी।

बीते रात हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा की उन्होंने कोई भी धार्मिक माहौल खराब नहीं किया था और आयोग ने कार्रवाई से पहले जो नोटिस उन्हें भेजा था, उसमें भड़काऊ भाषण के मुद्दे का कोई जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा, ‘चुनाव आयोग ने बिना मेरा पक्ष सुने ही मुझ पर प्रतिबंध लगा दिया। अब अगले दो दिन होने वाली रैलियों में मैं तो नहीं जा पाऊंगी, लेकिन मेरे कार्यकर्ता मेरा संदेश लोगों तक जरूर पहुंचाएंगे।’

बसपा सुप्रीमो ने चुनाव आयोग पर आरोप लगते हुए कहा की , ‘चुनाव आयोग ने एकतरफा फैसला दिया है। मुझे बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है। इस दिन को चुनाव आयोग के इतिहास में एक काले दिन के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने आयोग पर प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। आयोग ने मोदी और अमित शाह के खिलाफ कोई आदेश नहीं दिया जबकि वे खुलेआम नफरत फैला रहे हैं. मायावती ने समर्थकों से कहा कि इस आदेश के पीछे की मंशा समझें और एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की जमानत जब्त कराएं, यही सही मायने में चुनाव आयोग का जवाब होगा ।


मायावती ने कहा कि आयोग ने जो नोटिस भेजा था और जो जवाब उन्होंने भेजा था उसकी कॉपी भी मीडिया में जारी की जाएगी। मोदी और शाह को आयोग द्वारा खुली छूट दी जा रही है और हमारे लिए दोहरे रवैये अपनाये जा रहे है।

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