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मोदी सरकार की घटिया चाल, चुनाव में जीत के लिए विपक्षियों पर करवाई छापेमारी

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(Image Credits: Deccan Herald)

चुनाव अब शुरू ही होने वाले है। देश की जनता अपने वोट द्वारा सरकार चुनने को तैयार है। परन्तु चुनाव में जितने के लिए मोदी सरकार इस समय वह सभी काम कर रही है जो उसको चुनाव में फायदा पहुंचा सके। वह जनता के सामने यह मिसाल पेश करना चाहती है की मोदी सरकार ने काले धन जमा करने वालो को बेनकाब कर दिया है। चुनाव से ठीक पहले कई विपक्षी पार्टियों के करीबी और नेताओ पर छापेमारी की गयी।

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इस करवाई पर विपक्षियों ने सवाल उठाया है की आखिर ऐसा काम चुनाव के समय में ही क्यों किया गया। देखा जाए तो मोदी अपनी जीत मजबूत करने के लिए चुनाव से पहले कई ऐसे कदम उठाये जो अचार सहिंता का उन्लंघन माना गया। मोदी अब विपक्षी पार्टियों के घर इनकम टेक्स के छापे मरवा रहे है। विपक्षियों ने मोदी पर हमला करते हुए कहा है की फैसला निष्पक्ष हो।

चुनाव आयोग की एडवाजयरी के जवाब में वित्‍त मंत्रालय के राजस्‍व विभाग ने कहा है कि वह ‘तटस्‍थ’ और ‘निष्‍पक्ष’ रहकर काम कर रही है। हालांकि चुनावी मौसम में छापेमारी के आंकड़े अलग ही तस्‍वीर दिखाते हैं। पिछले छह माह में आयकर विभाग द्वारा विपक्षी नेताओं व उनके सहयोगियों के खिलाफ कम से कम 15 छापेमारी की गई हैं। इनमें से कर्नाटक में पांच, तमिलनाडु में तीन, आंध्र प्रदेश में दो, दिल्‍ली में दो और मध्‍य प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर और उत्‍तर प्रदेश में एक-एक मामला शामिल है। इसी दौरान, उत्‍तराखंड में एक भाजपा सदस्‍य के यहां भी छापेमारी हुई। हालांकि बाद में पार्टी ने खुद को उस व्‍यक्ति से अलग कर लिया।

कुछ दिन पहले मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों पर छापेमारी की गई। इससे पहले आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम के चेयरमैन और टीडीपी उम्‍मीदवार पुत्‍ता सुधाकर यादव और कारोबारी सीएम रमेश के ठिकानों पर भी छापे मारे गए। राजस्‍व विभाग को द इंडियन एक्‍सप्रेस ने छापेमारी के कथित राजनैतिक प्रकृति का होने को लेकर ईमेल भेजा था, मगर उसका जवाब नहीं आया।

टैक्‍स विभाग की कार्रवाइयों से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्रियों ने खासी नाराजगी जताई है। कुमारस्‍वामी का कहना है कि ‘केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सत्‍ता का उपयोग कर चुनाव के समय विरोधियों को परेशान कर रही है।’ वहीं आंध्र प्रदेश सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर छापेमारी के लिए ईडी और आईटी की स्‍पेशल टीमें बनाई गई हैं।


इन सभी बातो से साफ़ जाहिर है की मोदी सरकार सत्ता का इस्तेमाल कर चुनाव से ठीक पहले छापेमारी का काम करवा रहे है। जब कभी भी बीजेपी में किसी पर दोष डाला गया तो भाजपा कभी खुल कर सामने नहीं आयी वही विपक्षी पार्टियों पर हो रहे छापेमारी के चलते मोदी सरकार जोर शोर से हमला बोलने पर लगी है।

हालिया में कई ऐसे मामले सामने आये जिनमे बीजेपी के लोगो ने आचार सहिंता का उलंघन किया यहाँ तक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नियमो को तोड़ते नजर आये परन्तु उन पर कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। केंद्र सरकार कानून को अपने हाथ में लेकर वह सभी काम कर रही है जो चुनाव में फायदा पहुंचा सके।

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