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विकास और चौकीदार नहीं सैनिको के नाम पर वोट मांगने को मजबूर हुए मोदी

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(Image Credits: Rediff.com)

चुनाव प्रचार कर रहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बस इसी उम्मीद में है की इस बार भी किसी तरह उनकी बीजेपी पार्टी को जीत मिल जाए। हालांकि कई ऐसे सर्वे भी सामने आये है जिनमे बीजेपी की हार दिखाई दे रही है। वहीँ लोगो का भरोसा भी बीजेपी से उठता दिख रहा है। बीजेपी में कई मंत्रियो ने अपने बयानों और कामो से लोगो को निराश किया है वहीँ मोदी पार्टी को हार के कीचड़ से बाहर निकालने की हर मुमकिन कोशिश करते रहे है।

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मोदी ने चुनाव प्रचार के लिए 50 दिन चुने और इन 50 दिनों में मोदी ने अलग अलग क्षेत्रों में जा कर लोगो से वोट देने की अपील की। यहाँ तक की मोदी ने सैनिको के नाम पर भी वोट मांगे जो काफी शर्मनाक बात है। आचार सहिंता का उलंघंन कर सीधे सीधे मोदी ने लोगो से वोट की मांग की थी।

इन सभी चुनावों प्रचारो में मोदी ने सिर्फ चौकीदार और सेना को लेकर ही भाषण दिए। जबकि अहम् मुद्दों को भुला दिया गया। देश के विकास, रोजगार और शिक्षा को लेकर मोदी ने किसी भी प्रकार का बयान नहीं दिया। मोदी सरकार को लगता है देश की जनता उन्हें सिर्फ सैनिको और शहीद देश के जवानो के नाम पर वोट देगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 50 दिन चले अपने चुनाव प्रचार अभियान के तहत मध्यप्रदेश के खरगोन में आखिरी रैली की। मेरठ से मोदी ने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की थी।

मोदी ने अपने पूरे प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर राष्ट्रवाद, सशस्त्र बलों, सीमापार हमले जैसे भावनात्मक मुद्दों को लेकर हमले किये और अपनी सरकार को ‘‘निर्णायक सरकार’’ तौर पर पेश किया। चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद 28 मार्च को मेरठ में आयोजित अपनी पहली रैली में मोदी ने कहा था, ‘‘इसी चौकीदार की सरकार थी जिसमें जमीन, आसमान और अंतरिक्ष में सर्जिकल स्ट्राइक करने की ताकत है। भारत को विकसित होना चाहिए, भारत को दुश्मनों से सुरक्षित होना चाहिए।


खरगोन में शुक्रवार को मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने की हमारी नीतियों का जनता दिल से समर्थन कर रही है। देश की भावना है कि आतंकवादियों को उनके घर में घुसकर मारा जाए। मोदी ने अपने शब्दों पर जोर देते हुए साफ़ जाहिर किया की सिर्फ सेना के नाम पर ही जीत हासिल हो सकती है।

वही दूसरी और लोगो की भावनाओ को और भड़काते हुए मोदी सवाल करते है की- आतंकवादियों को उनके घर में घुस कर मारना सही है या नहीं? इस प्रकार मोदी लोगो से सिर्फ भावनात्मक तरीके से वोट हासिल करना चाहते है। मेरठ की तरह खरगोन में भी उन्होंने लोगों से ‘कमल’ का बटन दबाकर मोदी को वोट देने की अपील की

मोदी ने मेरठ में अपने चुनाव प्रचार के दौरान चौकीदार शब्द पर काफी जोर दिया था परन्तु खरगोन में उन्होंने इस पर एक शंब्द भी बयां नहीं किया। आखिर कर भी कैसे सकते है क्यूंकि लोगो को पता है चौकीदार महज एक शब्द है जिसका इस्तेमाल बखूबी बीजेपी सरकार कर रही है। मेरठ की तरह खरगोन में भी उन्होंने लोगों से ‘कमल’ का बटन दबाकर मोदी को वोट देने की अपील की। यहां तक की शहीद जवानो और बालकोट पर किये सस्ट्राइक को लेकर भी वोट मांगे।

आखिर पीएम मोदी अपने कामो की बजाय दूसरे मुद्दों को उठा कर जीत हासिल करने में लगे है। बीजेपी सरकार ने सिर्फ आरोप प्रत्यारोप का खेल खेला है। जिसे पूरी जनता समझती है और देखती है।

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