fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी पार्टियों को बताया पाकिस्तान का प्रवक्ता

(Image Credits: Telegraph India)

लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टियों द्वारा आपस में बयानबाजी करना तो साधारण है। अक्सर पक्ष विपक्ष द्वारा किसी न किसी मुद्दे को लेकर एक दूसरे को निशाना बनाया जाता है। पार्टियों द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में कोई बुराई नहीं है। परतु कभी कभी इस बयानबाजी के बीच पार्टियो के नेता अपने विरोधी दलों को कुछ भी कह कहने से नहीं चूकते हैं।

Advertisement

मौजूदा सरकार में प्रधानमंत्री मोदी अक्सर विपक्षी दलों को लेकर बयानबाजी करते रहते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने विपक्षी दलों को लेकर शर्मनाक बयान दे दिया है। उन्होंने रैली में जनता को सम्बोधित करते हुए विपक्षी पार्टियो को पडोसी मुल्क पाकिस्तान का प्रवक्ता बता दिया है। वही पाकिस्तान जिसे प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद का देश बताते है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विपक्षी पार्टियों को लेकर इस प्रकार का ब्यान देना बिलकुल भी उचित नहीं है।

भाजपा मंत्री व देश के प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकी शिविरों के खिलाफ सेना के अभियान के सबूत मांगने को लेकर मंगलवार को विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला। और कहा कि वे भारत की राजनीतिक पार्टियों से कहीं ज्यादा पाकिस्तान के प्रवक्ता के तौर पर नजर आती हैं। अब हमे ये समझ नहीं आता की आखिर सिर्फ सच्चाई जानने के लिए सवाल पूछने पर मौजूदा सरकार के लोग इस प्रकार क्यों भड़क जाते हैं।

मोदी ने कहा कि मतदाताओं को फैसला कर लेना चाहिए कि क्या वे पाकिस्तान के उन मददगारों को सत्ता सौंपना चाहते हैं, जिन्होंने सबूत मांगकर सशस्त्र बलों के मनोबल को गिराया है। दरअसल लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद बिहार में अपनी पहली रैली में मोदी ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पद को बहाल किए जाने संबंधी नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा क्या किसी देश में एक से ज्यादा प्रधानमंत्री हो सकते हैं?
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ”मैं चाहूंगा कि कांग्रेस और राजद, जो महामिलावट गिरोह का हिस्सा हैं, इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करें.”

मोदी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, जब-जब देश की सबसे पुरानी पार्टी और उसके सहयोगी सत्ता में आते हैं, तब-तब शासन उल्टी दिशा में चलने लगता है। मोदी ने आरोप लगाया कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की कांग्रेस की तरह किसी अन्य दल ने अनदेखी नहीं की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रतिद्वंद्वी यह झूठ फैला रहे हैं कि यदि भाजपा फिर से सत्ता में आई तो पिछड़े वर्गों का आरक्षण खत्म कर देगी।


जमुई लोकसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार चिराग पासवान के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, जब कांग्रेस और इसके सहयोगी सत्ता में होते हैं तो शासन उल्टी दिशा में चलने लगता है। उन्होंने कहा कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो आतंकवाद, महंगाई, हिंसा, भ्रष्टाचार, कालाधन बढ़ जाता है, जबकि देश की समृद्धि, इसकी विश्वसनीयता, सशस्त्र बलों का मनोबल और ईमानदारी के प्रति आदर घट जाता है।

मोदी ने 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर में CRPF काफिले के साथ हुई घटना के बारे में विपक्षी पार्टियों के बयानों पर भी निशाना साधा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”वे भारत की नुमाइंदगी करने वाली राजनीतिक पार्टियों से कहीं ज्यादा पाकिस्तान के प्रवक्ता के तौर पर नजर आती हैं। प्रधानमंत्री द्वारा विपक्षी पार्टियों के नेताओ को पाकिस्तान के प्रवक्ता बोलना उनके पद को शोभा नहीं देता है।

मोदी ने आरक्षण को खत्म करने पर विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा, मोदी को तो छोड़ दें, कोई भी आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। हमने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है, लेकिन हमने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को कमजोर किए बगैर ऐसा किया।

आरक्षण पर मोदी कुछ भी बोल लें परन्तु ये सबको पता है की मौजूदा सरकार आरक्षण को एकबार में खत्म नहीं करेगी। बल्कि इस प्रकार के कानून और नियम बना दिए जाएंगे जिससे आरक्षण का होना न होने समान हो जाएगा। रोस्टर पालिसी कुछ-कुछ इसका ही एक उदारण है।

मौजूदा सरकार विपक्षी पार्टियों पर इस प्रकार के आरोप सिर्फ इसलिए लगा रही है। क्यूंकि उन्होंने सत्ता से सवाल पूछने की कोशिश की थी। ये पहले दफे नहीं है जब नरेंद्र मोदी के बोल बिगड़े है। इससे पहले भी उन्होंने देश की महिलांओं को लेकर चौकाने वाले बयान दिया था। दरअसल एक बार वह नई दिल्ली में मुद्रा बैंक के उद्घाटन करने पहुंचे थे।

जिसमे उन्होंने लोगो को सम्बोधित करते हुए अपने भाषण में कहा, ‘किसान अगर आम बेचे तो पैसा मिलता है। आम का अचार बनाकर बेचे तो और ज्यादा पैसा मिलता है। अचार को बोतल में बंद करके बेचे तो और ज्यादा पैसा मिलता है और अगर लड़की अचार की बोतल लेकर खड़ी हो जाए तो उस अचार की बिक्री और भी ज्यादा बढ़ जाती है।’

मोदी द्वारा लड़कियों को लेकर दिए की गई टिपण्णी पर सोशल मीडिया पर लोगो ने लिखा था। प्रधामंत्री मोदी को लड़कियां सिर्फ समान बेचने का जरिया नजर आती है। इतना ही नहीं मोदी ने संसद की एक बैठक में विपक्षी नेता रेणुका चौधरी की हसीं को रामायण के एक किरदार तड़का से जोड़ने की कोशिश की थी। एक तरफ सरकार महिलाओ के सम्मान को लेकर इतने बड़े बड़े बाते करती है। वहीं दूसरे तरफ मौजूदा सरकार द्वारा महिलाओं के प्रति इस प्रकार का व्यवहार रखना निंदनीय है।

देश के प्रधामंत्री द्वारा विपक्षी नेताओं के साथ साथ आम लोगो के बारे में इस प्रकार की बयानबाजी करना उनके पद के लिए अशोभनीय है। सरकार को यह समझना चाहिए की इस प्रकार की बयनबाजी करने से देश की छवि को नुक्सान पहुंचेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved