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शरद पवार ने EVM को लेकर जाहिर की चिंता, एनसीपी का वोट दबाने पर बीजेपी को गया वोट

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(Image Credits: Scroll.in)

एक बार फिर से EVM को लेकर बहस छिड़ गई है। इस बार एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए हैं। शरद पवार ने शिकायत करते हुए बड़ा बयान दिया है। शरद पवार ने कहा है की उन्होंने NCP को वोट दिया परन्तु वह बीजेपी को गया।

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EVM का मुद्दा हर चुनावी माहौल में उठाया जाता रहा परन्तु इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाती। आखिर हो भी कैसे क्यूंकि EVM से जुड़े मुद्दों पर कोई भी पार्टी पुख्ता सबुत नहीं दे पाती।

हर बार यह मुद्दा बीजेपी को लेकर ही उठाया जाता रहा है क्यूंकि अक्सर नेताओं और वोट डालने वाले लोगो की तरफ से यह शिकायते सामने आती है की बटन किसी भी पार्टी का दबाये परन्तु वोट बीजेपी के खाते में ही जाता है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक बार फिर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन को लेकर चिंता जाहिर की है। शरद पवार ने यह दावा किया है कि उनकी पार्टी के पक्ष में डाला गया वोट भाजपा को चला गया है।

पवार ने कहा है कि उन्होंने खुद ऐसा होते हुए देखा है। उन्होंने हालांकि यह साफ किया कि उनका यह दावा सभी मशीनों को लेकर नहीं है। शरद पवार ने कहा, ‘मैं EVM को लेकर चिंतित हूं। हैदराबाद और गुजरात में कुछ लोगों ने मेरे सामने ईवीएम रखी। उन्होंने मुझसे एक बटन दबाने के लिए कहा।


शरद ने बताया की, ‘मैंने एनसीपी के लिए बटन दबाया और वोट कमल के पक्ष में जा रहा था। मैंने ऐसा होते हुए खुद देखा।’ पवार का कहना है कि EVM में छेड़छाड़ की जा सकती है। इससे पहले भी 21 विपक्षी दलों ने EVM में गड़बड़ी की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर की थी। विपक्ष की तरफ से यह याचिका तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में दाखिल की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों की लोकसभा चुनाव में 50 फीसदी EVM की वीवीपीएटी से मिलान की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि वे अपने आदेश में संशोधन करने लिए तैयार नहीं है।

अदालत ने अपने पहले के आदेश में चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि हर विधानसभा क्षेत्र की पांच मतदान केंद्रों पर ईवीएम का वीवीपीएटी पर्चियों के साथ औचक मिलान किया जाए। विपक्षी दलों की तरफ से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी मामले की पैरवी कर रहे थे।

याचिका खारिज होने पर सिंघवी ने कहा था कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा था कि उनकी याचिका EVM को लेकर नहीं बल्कि वीवीपीएटी को लेकर थी। इससे पहले भी कई पार्टियां ईवीएम में गड़बड़ी की बात को कह चुकी हैं। 14 अप्रैल को विपक्षी पार्टियों की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। विपक्षी दलों ने उस दौरान सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। वहीं इस पर भाजपा ने कहा था कि विपक्षी दल पहले ही अपनी हार स्वीकार कर चुके हैं।

इस तरह की EVM की शिकायतों से भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। EVM में मिल रही गड़बड़ी के कारण कई पार्टियों को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। बीजेपी की तरफ से यह बात हमेशा से की जाती रही है की उनका EVM को लेकर हो रही गड़बड़ी में कोई हाथ नहीं है। परन्तु विपक्षी पार्टियों ने वोटिंग समय में खुद बीजेपी को वोट जाते देखा है। मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए यह बात बोली जा सकती है या फिर बीजेपी अपनी जीत के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। अब देखना यह होगा की इस गड़बड़ी से मोदी सरकार को जीत हासिल होगी या नहीं।

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