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शरद पवार ने बीजेपी की करी आलोचना, पीएम मोदी पर लगाया देश को बांटने का आरोप

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(image credits: News18.com)

मौजूदा सरकार पर अक्सर विपक्षी पार्टियों द्वारा धुर्वीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया जाता है। विपक्षी दलों द्वारा बीजेपी पर इस प्रकार का आरोप लगाना कहीं न कहीं सही भी है। बीजेपी हमेशा से हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के सहारे लोगो का वोट हासिल करने की कोशिश की है। और ज्यादातर मामलो में उन्हें कामयाबी भी मिली है। इसके साथ साथ विपक्षी पार्टिया मोदी सरकार पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे लोगो को टिकट देने पर भी निशाना साधते आये है।

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लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद देशभर से बीजेपी के कई ऐसे सांसद चुनकर आये जिनके ऊपर कई आपराधिक मामले चल रहे है। इसी कारण कुछ विपक्षी पार्टयों के नेताओं ने इसको लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। हम बात करने जा रहे है (एनसीपी) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार की।

दरअसल शरद पावर ने मालेगांव घटना में अभियुक्त प्रज्ञा ठाकुर को लोकसभा चुनावों में टिकट देने की आलोचना की। और कहा कि यह कदम किसी राजनीतिक दल या लोकतंत्र के लिए अनुकूल नहीं है। शरद पवार ने यह बयान अपनी पार्टी की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने जा रहा है। दोनों सदनों के सदस्य राष्ट्रपति के संयुक्त संबोधन में हिस्सा लेंगे। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो भगवा विचारधारा में विश्वास रखते हैं। इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ गंभीर मामले चल रहे हैं।

पवार ने कहा, ‘एक व्यक्ति जिस पर गंभीर आरोप हैं वह मध्य प्रदेश से चुना गया और अब सत्ता में है। उन्होंने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के तरफ इशारा करते हुए कहा जिनके खिलाफ मालेगांव घटना में कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा, किसी राजनीतिक दल और लोकतंत्र के लिए ऐसे व्यक्ति को टिकट देना उचित नहीं है।

इसके साथ ही राकांपा प्रमुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जाने-अनजाने प्रधानमंत्री ने दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से धार्मिक आधार पर देश को बांटने का प्रयास किया। यह देश के हित में नहीं है। उनको (बीजेपी) इसका राजनीतिक फायदा शायद मिला है.’


शरद पवार ने कहा, ‘लेकिन यह ठीक नहीं है कि धार्मिक विचारधारा के प्रसार के लिए सत्ता का प्रयोग किया जाए. क्योंकि यह बाबा साहब अंबेडकर के संविधान के माध्यम से दिये वैचारिक ढांचे में फिट नहीं बैठता है। पर आज का सत्ता पक्ष इस तरीके से नहीं सोचता है.’

आपको बता दें साध्वी प्रज्ञा ठाकुर इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बड़े अंतर से हराकर भोपाल से संसद पहुंची हैं। प्रज्ञा पर 2008 में मालेगांव में हुई घटना को लेकर मामला चल रहा है।

अब देखा जाये तो जब इस प्रकार के लोग संसद में चुनकर आएंगे तो देश के लोकतंत्र पर बूरा प्रभाव ही पड़ेगा। मौजूदा सरकार कानून व्यवस्था और अपराध करने वाले के खिलाफ जोरो शोरो से कार्रवाई करने की बाते करती है। परन्तु सच्चाई तो यह है की भाजपा सरकार अपने फायदे के लिए किसी भी पृष्टभूमि वाले व्यक्ति को टिकट देने से पीछे नहीं हटती है। मौजूदा सरकार के इस रवैये से उनके दोहरे चरित्र का पता चलता है।

बीजेपी सरकार धर्म निरपेक्ष होने के भी बाते करती है परन्तु वह राजनीति में धर्म का प्रयोग जरूर करती है। सच्चाई तो यह है ज्यादातर मामलो में भाजपा केवल एक ही धर्म को तवज्जों देती है। और इसी के सहारे बीजेपी राजनीती करके अधिकतर समय लोगो का मत हासिल करने में कामयाब भी हो जाती है।

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