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आडवाणी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी पर साधा निशाना, कहा- भगवान आपको माफ करे

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(Image Credits: Deccan Chronicle)

लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ कुछ पार्टी के नेताओं द्वारा विपक्षी पार्टियों पर बयानबाजी किये जा रहे है। वहीं दुरी तरफ कुछ नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के ऊपर निशाना साधा जा रहा है। हम बात करने जा रहे है भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की। पार्टी से विद्रोह कर चुके बिहार के पटना साहिब से सांसद ने अपनी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए है।

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नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में टिकट काटने पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) और अमित शाह (Amit Shah) पर निशाना साधा है। उन्होंने पार्टी के इस फैसले को ‘अपमानजनक और शर्मनाक’ बताया है। साथ ही कहा कि ऐसी उम्मीद ‘वन मैन शो और टू मैन आर्मी के तानाशाही शासन’ से ही की जा सकती है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा की बीजेपी में तानाशाही का माहौल बन रखा है।

सांसद शत्रुघन सिन्हा ने इस सम्बन्ध में 4 ट्वीट करके मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा। ट्वीट में उन्होंने लिखा- ‘पिता तुल्य, परम पूजनीय, अनुभवी, दोस्त, दार्शनिक, मार्गदर्शक, गुरु और भारतीय जनता पार्टी के सर्वश्रेष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को उनकी सहमति और अनुमति के बिना चुनावी राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।’ इसके बाद शत्रुघ्न ने लिखा- ,’राजनीतिक करियर के इस मोड़ पर यह हैरान कर देने वाला कदम है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने लिखा, ‘लाल कृष्ण आडवाणी और अन्य वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और शांता कुमार का अपमान हुआ है। इससे पूरे देश को दुख हुआ है। लोग इस फैसले से भौंचक्के हैं, एक बार फिर मैं आशा और प्रार्थना करता हूं कि हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ किए गए अन्याय का लोग उचित जवाब न दें। भगवान आपको माफ करे।’

कहा यह जा रहा है की पटना साहिब से शत्रुघन सिन्हा को दरकिनार कर देने के बाद ही उनके तेवर बागी हो गए हैं। हालाकिं भाजपा की तरफ से उनपर अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी सीट से केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद को टिकट दिया है।


बता दें की लाल कृष्ण आडवाणी उन 10 नेताओ में शामिल है, जिनका पार्टी ने इस बार टिकट काटा है। इसी कारण आडवाणी के संसदीय क्षेत्र गांधीनगर से इस बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उतारा गया है।

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पहले भी भाजपा के नेतृत्व पर हमला करते आए हैं। इतना ही नहीं कई बार तो उन्होंने विपक्षी पार्टियों के नेताओं की तारीफ़ भी की है। इसके साथ ही कितनी दफे उन्होंने भाजपा के विरोध में विपक्षी पार्टियों के साथ मंच भी साझा किया है।

माना यह भी जा रहा है की भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा 28 मार्च यानी आज कांग्रेस पार्टी में शामिल होने जा रहे है। दरअसल पिछले दिनों ही उन्‍होंने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की जमकर प्रशंसा की थी। इसके बाद से अटकलें तेज हो गई हैं कि वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के न्यूनतम आय योजना (NYAY) की तारीफ की। ऐसा करने पर भाजपा सांसद ने राहुल गांधी को मास्टर ऑफ सिचुएशन कहा। और इसके साथ उन्होंने राहुल गाँधी की न्यूनतम आय योजना (NYAY) की घोषणा को एक मास्टरस्ट्रोक बताया।

शत्रुघ्न सिन्हा ने न्यूनतम आय योजना के बारे में अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, न्यूनतम आय गारंटी योजना की घोषणा करना मास्टर ऑफ सिचुएशन राहुल गांधी का मास्टरस्ट्रोक है। इसने हमारे कुछ अहम लोगों को परेशान कर दिया है। और उन्होंने तुरंत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस घोषणा को छल कपट करार दे दिया।’

ट्ववीट करके उन्होंने राहुल गाँधी की तारीफ़ तो की ही इसके साथ साथ उन्होंने अपनी पार्टी पर निशाना भी साधा। उन्होंने बताया की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की इस न्यूनतम आय योजना ने बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। जिसके कारण भाजपा ने बिना देरी किये तुरंत ही प्रेस वार्ता कर राहुल गाँधी की इस घोषणा को गुमराह करने वाला बता दिया।

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इस योजना से उन गरीबों को न्याय मिलेगा जो पिछले पांच वर्षों से मुश्किलों से जूझ रहे हैं। वहीं एक दूसरे ट्वीट में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘मैं अपने सीखे-सिखाए दोस्तों/नेताओं से पूछना चाहता हूं कि जब आप कई जुमलों…जैसे हर किसी को 15 लाख, किसानों का कर्ज माफ और सब्सिडी, हर साल 2 करोड़ से ज्यादा नौकरियां वगैरह का ऐलान करते हैं तो क्या यह सब सही है?’

शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा, ‘आप करें तो रासलीला और बाकी करें तो कैरेक्टर डीला। जो बात एक किसी एक व्यक्ति के लिए सही है तो उसे दूसरे के लिए भी लागू होना चाहिए। लोगों ने इसका स्वागत किया है और इसको लेकर लोग उत्साहित भी हैं। जैसा कि वादा किया गया था 3 राज्यों में किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया है।’

बीजेपी द्वारा अपने ही सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी में रहकर भी उनको अहमियत नहीं देना और इसके साथ साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओ के साथ सौतेला व्यवहार करना उचित नहीं है। पार्टी के इसी रवैय्ये के कारण ही बीते दिनों भाजपा से कई विधायक पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो गए। चुनाव से पहले पार्टी के अंदर इस प्रकार का वातावरण होना बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ा करने वाला है।

मौजूदा सरकार में पार्टी में इस प्रकार की हलचल और सरकार का अपने ही नेताओं के प्रति ऐसा व्यवहार से पार्टी में तानाशाही का पता चलता है। भाजपा सरकार वैसे तो विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर आरोप लगाती है। की उनकी पार्टी में सिर्फ गिने चुने लोगो को ही निर्णय लेने का हक है, और पार्टी में सिर्फ इन लोगो की सुनी जाती है। परन्तु सच्चाई तो यह है की उनकी पार्टी में भी सिर्फ 2 या 3 लोगो के अलावा किसी को भी निर्णय लेने का हक़ है।

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