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धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

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(image credits: DNA India)

एक दिन पहले ही 30 मई को बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी ने दूसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ लिया। मोदी के साथ साथ सभी बीजेपी सांसदों द्वारा भी शपथ लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में दूसरे देशो से मेहमान भी शरीक हुए। इसके साथ साथ कई विपक्षी पार्टियों के नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

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शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी पार्टियों के नेताओं में पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी निमंत्रण भेजा गया। ममता बनर्जी ने पहले निमत्रण स्वीकार करते हुए शपथ ग्रहण में आने को कहा, लेकिन बाद में जब बीजेपी ने उनपर राजनीतिक हिंसा का आरोप लगाया तो उन्होंने समारोह में जाने से इंकार कर दिया।

एकतरफ जहां दिल्ली में शपथ ग्रहण का समारोह चल रहा था तो वहीं दूसरी और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी धरना देते हुए दिखाई दीं। धरना देते वक्त उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘तुम अपनी संस्कृति से काम करो, हमें अपनी संस्कृति से काम करने दो.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘बीजेपी के गुंडे उनकी पार्टी के लोगों को डरा-धमका रहे हैं.’

दरअसल पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से इस बार बीजेपी ने 18 सीटें जीतकर बंगाल में अपनी जमीन मजबूत कर ली वहीं टीएमसी ने 22 सीटें हासिल की। टीएमसी को 43.7 फीसदी वोट मिले और बीजेपी को 40.6 फीसदी वोट मिले। बीजेपी का वोट प्रतिशत टीएमसी के वोट प्रतिशत से ज्यादा रहा। जिसके बाद से टीएमसी के कई नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।

आपको बता दे की प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी ने पश्चिम बंगाल के 54 ऐसे परिवारों को बुलाया जिनके घर के सदस्य राजनीतिक घटना का शिकार हो गए। पश्चिम बंगाल में बीजेपी द्वारा इतनी मेहनत करने के बावजूद पार्टी जीत हासिल करने में नाकामयाब रही। लोगो ने फिर एकबार ममता बनर्जी पर अपना भरोसा दिखाया और बीजेपी को नकार दिया।


पश्चिम बंगाल की मुक्यमंत्री द्वारा बीजेपी पर गुंडगर्दी करने का आरोप लगाना कहीं न कहीं जायज लगता है। अभी हाल ही में चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में रैली की थी। रैली के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। उसी दौरान ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने की भी घटना सामने आई। बीजेपी ने मूर्ति को नुकसान पहुँचाने का आरोप TMC के कार्यकर्ताओं पर जड़ दिया। लेकिन वास्तविक में सोशल मीडिया पर इस घटना का जो वीडियो वायरल हुआ, है उसमे तस्वीर कुछ और ही देखी गई। ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर मोदी सरकार और बीजेपी कार्यकर्ताओं की खूब निंदा की। हालाँकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहानभूति पाने के लिए विद्यासागर की एक बड़ी मूर्ति स्थापित करने की भी बात कही।

बीजेपी द्वारा पश्चिम बंगाल में उनके कार्यकर्ताओं की सहायता से तृणमूल कांग्रेस के लोगो को डराना धमकाना उचित नहीं है। उनके इसी छवि के कारण ही पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें छोड़कर ममता बनर्जी के लिए वोट किया। जिस तरह पश्चिम बंगाल की जनता बीजेपी की सच्चाई को समझ गई है उसी तरह बीजेपी को वोट करने वाले लोग भी धीरे धीरे इससे वाकिफ होते रहेंगे। धीरे धीरे लोगो को यह समझ में आने लगेगा की मौजूदा सरकार सिर्फ जुमलेबाजी में विश्वास रखती है, और इससे अधिक कुछ भी नहीं।

बीजेपी ने चुनाव से पहले ममता बनर्जी पर न जाने कितने आरोप लगाए, इसके साथ साथ सीबीआई का सहारा लेकर भी मौजूदा सरकार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रियो पर कार्रवाई करने की कोशिस की। जिसको लेकर तृणमूल कांग्रेस ने सरकार द्वारा विपक्षी दलों के ऊपर सीबीआई का गलत इस्तेमाल करने की भी बात कही। इन सभी बातो के कारण ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी के प्रति सख्त रवैया रखती है, जो की स्वभाविक लगता है।

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