fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

सपा ने बीजेपी पर लगाया बड़ा आरोप, बटन दबाया साइकल का पर वोट गया कमल को

SP-targets-BJP,-on-pressing-cycle'-button-vote-goes-to-Kamal
(Image Credits: Deccan Chronicle)

चुनावी माहौल अब गर्माता जा रहा है। किसी क्षेत्र में ज्यादा वोट पड़ रहे हो तो किसी क्षेत्र में काम वोटिंग हो रही रही है। हालांकि कई जगह तो EVM ख़राब होने की खबरे भी सामने आयी है। EVM का मुद्दा कई समय से उठ रहा है यहाँ तक की विपक्ष की पार्टियां भी सवाल उठाती रही है।

Advertisement

EVM ख़राब होने का सिलसिला बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से शुरू हो गया जिसके चलते विपक्षियों ने मोदी के साथ भाजपा पर भी निशाना साधना शुरू कर दिया। कई पार्टियो का मानना है की EVM ख़राब हो फिर भी वोट बीजेपी को ही जाता है, यह कैसे मुमकिन है ?

इस साल भी यह मामला जोर पकड़ता नजर आ रहा है। इलेक्शन समय में मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे है की वोटिंग समय में कोई भी बटन दबाओ परन्तु वोट कमल को ही जाता है।

इस बार भी कुछ ऐसा ही आरोप सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मोदी सरकार पर लगाया है। जनसत्ता खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के कन्नौज में समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि ईवीएम में साइकिल के निशान वाला बटन दबाने पर वीवीपैट मशीन में कमल का निशान दिखाई दे रहा है।

कई विपक्षी पार्टियां और नेता ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत कर चुके हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठा चुके हैं। पिछले सप्ताह किए गए अपने एक ट्वीट में अखिलेश यादव ने लिखा था कि “पूरे देश में ईवीएम में गड़बड़ी हो रही है या फिर वोट भाजपा को जा रहा है। जिलाधिकारी का कहना है कि पोलिंग स्टाफ ईवीएम चलाने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित नहीं है। 350 से ज्यादा ईवीएम बदली गई हैं। यह एक ऐसी चुनावी व्यवस्था है, जिसे कराने में 50 हजार करोड़ रुपए का खर्च आता है, उसमें यह एक गंभीर और आपराधिक लापरवाही है।


कई ओर भी नेता है जिन्होंने EVM को लेकर कई गंभीर सवाल उठाये। अखिलेश के अलावा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू भी EVM को लेकर सवाल खड़े कर चुके हैं। पहले चरण के मतदान के बाद चंद्रबाबू नायडू ने चीफ इलेक्शन कमिशनर सुनील अरोड़ा से भी मुलाकात की थी और EVM में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था।

चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाया था। आंध्र प्रदेश के सीएम ने मांग थी कि चुनाव फिर से बैलेट पेपर से कराए जाएं, ताकि चुनावी प्रक्रिया साफ तौर पर सबके सामने बिना किसी गड़बड़ी के हो सके। तेदेपा अध्यक्ष ने अपने एक बयान में कहा था कि ‘जिस तरह से चुनाव आयोग, एक संवैधानिक संस्था, अपने संवैधानिक कर्तव्यों की पूर्ति करने में असफल हो रहा है, उससे ना सिर्फ अव्यवस्था फैल रही है बल्कि यह भविष्य में देश के लोकतंत्र के लिए भी खतरा है।’

यही नहीं समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को हटाने की भी मांग की है। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की कि उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को उनके पद से हटाया जाए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि डीजीपी सत्ताधारी पार्टी का पक्ष में है और चुनावी नतीजों को उनके पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। सपा नेता धर्मेन्द्र यादव का कहना है कि डीजीपी, भाजपा की मदद के लिए सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

इन आरोपों में अभी तक बीजेपी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। देखा जाए तो चुनाव समय के दौरान EVM का मुद्दा जोरो शोरो से उतःया जाता रहा है परन्तु कोई एक्शन नहीं होता। यहाँ तक की मोदी और बीजेपी के कई नेता आचार सहिंता का उलंघन कर चुके है परन्तु चुनाव आयोग ने कोई कार्यवाही नहीं की। ऐसा लगता है की अब चुनाव आयोग भी मोदी के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved