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विपक्षी पार्टियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने EVM को लेकर चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस

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(Image Credits: IamRenew)

ईवीएम में हो रहे लगातार छेड़छाड़ के मामलो को देखते हुए देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। आपको बता दे की ईवीएम को लेकर तेलुगु देशम पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी समेत 21 विपक्षी दलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

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इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने चुनाव आयोग को अदालत की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने के लिए कहा है। ईवीएम को लेकर 21 विपक्षी दलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को की जाएगी । मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने चुनाव आयोग को अदालत की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने के लिए कहा है।

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित मामलों से निपटने के लिए देश भर में विशेष न्यायालयों की स्थापना की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

21 विपक्षी दलों के द्वारा दायर की गई याचिका के जरिए विपक्षी दलों ने शीर्ष अदालत से 50 प्रतिशत वोटों का सत्‍यापन ( VVPAT) पर्ची से कराए जाने की मांग की थी। इस मामले में टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री एन चंद्राबाबू नायडू, आप के राष्‍ट्रीय संयोजक और दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस, राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, वामपंथी पार्टियां, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सहित 21 विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिका में कहा गया था कि लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित करने से पहले यह औचक निरीक्षण होना चाहिए। याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए और इसके लिए पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। इससे पहले बसपा, सपा और आप ने पिछले महीने एक ज्ञापन चुनाव आयोग को सौंपा था जिसमें नवंबर में पांच राज्‍यों में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कई संदेहास्‍पद गतिविधियों के बारे में बताया गया था। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग से इन मामलों को गंभीरता से लेने की मांग की थी।


सुप्रीम कोर्ट के द्वारा चुनाव आयोग को जारी नोटिस पर अब भाजपा के पसीने छूट सकते है जहा देश की अलग अलग हिस्सों से लगातार भाजपा पर EVM के साथ छेड़खानी के आरोप लगते आये है ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा भी इस मामले को गंभीरता से लेना भाजपा के लिए मुश्किलें कड़ी कर सकता है।

मालूम हो कि गत जनवरी में तमिलनाडु निवासी एमजी देवाश्याम सहित दो अन्य लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव से ईवीएम के जरिए होने वाले मतदान के कम से कम 30 फीसदी वोटों का मिलान वोटर वेरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल VVPAT से करने की गुहार की गई थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अयोग को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था।

अलग अलग राज्यों के विपक्षी पार्टी के द्वारा लगतार सुप्रीम कोर्ट में EVM को लेकर याचिका दायर की गई है जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को अब नोटिस भेज दिया है बता दें कि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार आम चुनाव सात चरणों में संपन्‍न कराए जाएंगे। पूरे देश में 10 लाख बूथों पर मतदान होगा। सभी पर वीवीपैट मशीन का इस्‍तेमाल होगा। अब चुनाव आयोग को लगभग 50 फीसदी वोटो को अब VVPAT के जरिये वेरीफाई करना होगा।

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