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भाजपा प्रत्याशी के शर्मनाक बोल, कहा – ईश्वर के लिखे लेख को भी मिटा सकता हूं

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(Image Credits: Zee News)

लोकसभा चुनाव अब ख़त्म होने को है। कुछ ही दिन बाकी रह गए है चुनाव ख़त्म होने को परन्तु जैसे जैसे चुनाव ख़त्म होने के दिन नजदीक आ रहे है वैसे वैसे माहौल और भी ज्यादा गर्माता जा रहा है। लगभग सभी पार्टियां अपने बयानबाजी से सुर्खियां बटोर रही है। नेता लोग इस प्रकार के बयान दे रहे है जो की शर्मनाक है। वहीँ अभी अभी भाजपा पार्टी में शामिल हुए नए प्रत्याशी भी इस प्रकार के विवादित बयान दे रहे है जिसके चलते वह सुर्खियां बटोर रहे है। नए प्रत्याशी अपने आप को इस प्रकार से लोगो के सामने ला रहे है मानो जैसे पुराने खिलाड़ी हों।

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इसी प्रकार से भाजपा में शामिल हुए भोजपुरी एक्टर निरहुआ के बोल भी काफी चर्चा में आ रहे है। भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को चार दिन अभी राजनीति में आये नहीं हुए हैं, लेकिन वह कह रहे हैं कि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति पैदा नहीं हुआ जो मुझे हरा सके। उन्होंने आगे कहा कि, ‘मैं ईश्वर के लिखे लेख को भी मिटा सकता हूं।’

भाजपा प्रत्याशी निरहुआ आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को सीधे सीधे टक्कर दे रहे है। निरहुआ इस चुनाव में जीत की उम्मीद के साथ उतरे है। परन्तु ऐसा लगता है की बीजेपी में आते ही घमंड उनके सर पर चढ़ कर बोल रहा है।

एक टीवी पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि यदि वह हारे तो क्या आजमगढ़ दोबारा जाएंगे या फिर फिल्मी दुनिया में लौट जाएंगे तो निरहुआ ने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता गुनगुनाते हुए कहा कि, ‘हराने वाला कोई पैदा नहीं हुआ। वो ईश्वर के लिखे लेख को भी मिटा सकते हैं।’

निरहुआ ने आगे कहा कि यदि गठबंधन की ओर से अखिलेश यादव पीएम पद के प्रत्याशी होते तो वह जरूर उनका समर्थन करते। लेकिन अखिलेश भैया पीएम नहीं बन सकते इसलिये देश के पास केवल एक ही विकल्प बचता है और वो है पीएम मोदी। निरहुआ ने आगे कहा कि, मैं सच और धर्म के साथ हूं इसलिये मुझे कोई नहीं हरा सकता।’


लोकसभा चनाव 2019 में रविवार को छठे चरण के मतदान हुए। जिसके अंतर्गत 7 राज्यों की 59 सीटों पर वोटिंग हो रही थी। इस चरण में 979 उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर है।

भोजपुरी एक्टर निरहुआ के बोल सुन के ऐसा लगता है की वह राजनीति को किसी फिल्म की तरह समझ रहे है जहाँ वह ऐसे डायलॉग मार रहे है। अपने आप को उन्होंने देखते देखते सबसे ऊपर बता दिया और बागवान के लिखे को मिटाने की भी बात बोल दी। इस प्रकार के बोल अक्सर भाजपा के लोगो से सुनने को मिलते है। देखना यह है की उनका यह रवैया चुनाव में उनको आगे ले जाता है या फिर किसी फ़िल्मी कहानी की तरह यही ख़त्म हो जायेगी।

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