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उग्रवादी समूह की धमकीः BJP को दो वोट नहीं तो हिंसा के लिए तैयार रहो

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(Image Credits: Himachal Abhi Abhi)

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मणिपुर के ग्राम प्रधानों को उग्रवादी समूह कूकी नेशनल आर्मी बीजेपी के पक्ष में वोट करने के लिए धमका रही है. कूकी आर्मी का कहना है कि बीजेपी को 90 फीसदी वोट मिलना चाहिए। नहीं तो वे लोगों को बुलवाकर उन्‍हें सजा देंगे। यह चेतावनी उन्होंने गांव के सभी प्रधानों को दी है ताकि वह गांव के सभी लोगो तक इस बात को पंहुचा सके। फिलहाल मणिपुर में अभी भाजपा की ही सरकार है।

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कुकी नेशनल आर्मी के कमांडर थांगबोई हाओकिप ने डी मुनतफई और मोरेह गांव में एक सभा आयोजित की थी, जिसमें ग्राम प्रधान भी मौजूद थे। उसमें मणिपुर आउटर सीट पर बीजेपी उम्‍मीदवार एचएस बेंजामिन मेट का जिक्र करते हुए उन्‍होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ेगी तो हिंसा का भी सहारा लिया जाएगा. लेकिन गांव के लोगों को आदेश का पालन करना होगा. भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वोट देने के लिए सरेआम लोगो को मजबूर किया जा रहा है।

कुकी नेशनल आर्मी कमांडर ने कहा कि समूह के अंदर सक्रिय महिलाओं की कमी के बावजूद 11 अप्रैल के लिए 200 महिलाओं वाली एक विशेष टुकड़ी को भी पोलिंग बूथों पर तैनात किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि पुरुष या हो महिला, जो भी आदेश का पालन नहीं करेगा, उसे बख्‍शा नहीं जाएगा.
केएनए कमांडर ने कहा कि ‘गांव बूरा’ के मुखिया ने सूचित करके उनसे मुफ्त आवाजाही की मांग की थी. मोरेह क्षेत्र में 21 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और वे मतदान प्रतिशत की जांच करेंगे. उन्‍होंने कहा कि 90 फीसदी वोट की जरुरत है और वोट भाजपा को देने होंगे वर्ण हिंसा का सहारा लेकर जबरन वोट दिलवाये जायेंगे।

आपको बता दे की कूकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन और कुकी नेशनल आर्मी का गठन 1988 में हुआ था. थांगखोलुन हाओकिप की कमान में कैडर के पहले बैच को म्यांमार में काचिन इंडिपेंडेंट आर्मी द्वारा प्रशिक्षित किया गया था. यह संगठन एके-सीरीज़, जी-सीरीज़, एम-सीरीज़ और 60mm मोर्टार जैसे कई खतरनाक हथियारों से लैश है. संगठन के पास 600 कैडरों की ताकत है.

केएनए अब सुरक्षा बलों के साथ टकराव नहीं करता. वह सरकार को एक प्रस्‍ताव भेजकर इसकी जानकारी भी दे चुका है. उसने 1995 में भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंपा था. 22, सितंबर 2005 को, तत्कालीन केंद्रीय रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने घोषणा की थी कि मणिपुर के केएनए सहित लगभग आठ उग्रवादी संगठनों ने केंद्र के साथ अनौपचारिक युद्धविराम की घोषणा की थी।


इसके साथ ही इस संगठन ने बीजेपी से अनुरोध किया था कि पार्टी मणिपुर संसदीय सीट के लिए उनके पसंदीदा उम्‍मीदवार को टिकट दे. बीजेपी के अध्‍यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर केएनके समेत कई संगठनों ने एचएस बेंजामिन मेट के लिए टिकट मांगा था. जोकि बीजेपी की मणिपुर ईकाई के उपाध्‍यक्ष हैं.

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