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भाजपा के मंत्री को मिले 5 वोट तब याद आया की EVM में है गड़बड़ी, अब होगी जाँच

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भाजपा के केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा चुनाव में खुद को मिले पांच वोट पर सरकार से हिसाब मांगा है। खास बात यह है कि गंगवार की इस मांग से अफसर परेशान हैं। ऐसा मामला पहली बार सामने आया है जहा भाजपा के ही मंत्री ने अपनी ही सरकार और चुनाव आयोग के अफसरों पर वोटो में गिनती की गड़बड़ी का आरोप लगाया है। शायद उन्हें यह तब याद आया है जब यह खुद भाजपा के मंत्री के साथ हुआ है।

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मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है। बरेली से सांसद गंगवार ने एक बूथ पर उम्मीद से कम वोट मिलने पर जांच की मांग की है। केंद्रीय मंत्री ने बरेली डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट वीरेंद्र कुमार सिंह को पत्र लिखकर इस बारे में सूचित किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि बरेली संसदीय क्षेत्र स्थित कालीबाड़ी मोहल्ले के लोगों ने उन्हें बताया कि विष्णु सदन के बूथ संख्या 290 पर उन्हें वोट डाले गए लेकिन इसके बावजूद उनके खाते में पांच वोट ही पड़े जबकि उनके प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार भगवत शरण गंगवार को 583 वोट प्राप्त हुए। ऐसे में प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं वोटों की गिनती में चूक हुई है। अगर यह सच है तो मतगणना में शामिल अफसरों पर तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

भले ही भाजपा के केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को इस दौरान जीत हासिल हुई है पर कही न कही यह बात भी सामने निकल कर आने लगी है की चुनाव में गिनती के दौरान धांधली की जाती है और मतों की गिनती में गड़बड़ी होती है विपक्षी पार्टी के नेताओ के द्वारा लाखो बार इस मुद्दे को उठाया गया कितने विरोध प्रदर्शन हुए मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पंहुचा पर इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओ की एक भी न चली वही अब जब भाजपा के ही मंत्री को केवल 5 वोट मिले तो सवाल खड़े होने लगे है जाँच के आदेश दिए जा रहे है।

केंद्रीय मंत्री के सरकार से हिसाब मांगने और वोटों की गिनती में चूक के दावे पर विपक्षी खेमे ने चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े किये है। संतोष गंगवार के विपक्ष में खड़े होने वाली समाजवादी पार्टी के नेता भगवत शरण गंगवार ने कहा है कि मैं पहले से ही चुनाव में गड़बड़ी की बात कह रहा था लेकिन किसी ने मेरी सुनी नहीं। हालांकि इस मामले में जिला अधिकारी कार्यालय की ओर से सफाई दी गई है। कार्यालय के मुताबिक दो बूथों के वोटों के आंकड़ों में फेरबदल हो गया नतीजन एक बूथ पर पांच वोट गंगवार के खाते में चले गए। यह एक ‘सामान्य’ चूक है।

बहरहाल इस ‘सामान्य’ चूक को सही करने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। क्योंकि चुनाव आयोग को संज्ञान में लिए बिना ऐसा नहीं किया जा सकता। अगर मामला आयोग के समक्ष पहुंचा तो उन अफसरों पर गाज गिर सकती है जिन्होंने मतगणना की प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।


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