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पश्चिम बंगाल में अब योगी आदित्यनाथ को नहीं दी गई हेलिकॉप्टर उतारने की इजाजत, रैली हुई रद्द

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(Image Credits: The Indian Express)

रविवार 3 फरवरी को पश्चिम बंगाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रैली करने आये थे परन्तु उनके हैलीकोप्टर को उतरने की इजाजत ही नहीं दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि किसी नोटिस के बिना रैली की इजाजत खारिज कर दी गई है।

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बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने ममता सरकार इस फैसले के खिलाफ निशाना साधा है।भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में 100 से अधिक रैली करने वाली है इसी कड़ी में रविवार को योगी बांकुरा और पुरुलिया में दो रैली करने के लिए आए थे। इसके अलावा 5 फरवरी को योगी का रायगंज और दिनाजपुर जिले के बालूरघाट में रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम भी है।

मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने कहा कि यह तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता का असर है जिसके कारण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हेलीकॉप्टर लैंडिंग की इजाजत तक नहीं दी।

पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा कि आख़िरकार बीजेपी को इजाजत मिलेगी। उन्होंने कहा की बालुरघाट में नियमित एयरपोर्ट है। नियमित हेलिपैड पर हेलिकॉप्टर लैंडिंग की इजाजत देने से क्या समस्या होगी? बंगाल सरकार का यह फैसला पूरी तरह अलोकतांत्रिक है।

इससे पूर्व भी झारग्राम में बीजेपी अध्यक्ष के हेलिकॉप्टर को उतारने की इजाजत नहीं दी गई थी। ये लगातार दूसरी बार था जब अमित शाह के हेलिकॉप्टर को बंगाल में लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई थी। इससे पहले ऐसा मालदा में भी हुआ था।


प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को राज्य में दो रैलियों को सम्बोधित किया था। प्रधानमंत्री 8 फरवरी को दार्जिलिंग या जलपाईगुड़ी में रैली को संबोधित करेंगे।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का मानना है कि सभी राजनीतिक पार्टियों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने का संवैधानिक और लोकतान्त्रिक अधिकार है। राज्यपाल द्वारा यह टिप्पणी ममता सरकार द्वारा बीजेपी को राज्य में रथ यात्रा निकालने की अनुमति नहीं दिए जाने की पृष्ठभूमि में की गई है।

त्रिपाठी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंसा चाहे राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी हो या आपराधिक, उसकी हमेशा निंदा करनी चाहिए।

त्रिपाठी ने एक साक्षात्कार में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक कार्यक्रम तो होंगें ही। यह तो संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है, इसलिए सभी पार्टियों को संविधान की मूल भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उसके प्रावधानों का पालन करना चाहिए।

जब राज्यपाल से पूछा गया था कि क्या राज्य सरकार का राजनीतिक दलों को यात्रा या रैलियां निकालने से रोकना उचित है। हालांकि त्रिपाठी ने किसी पार्टी या सरकार का नाम नहीं लिया। लेकिन कभी बीजेपी से जुड़े त्रिपाठी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब तृणमूल कांग्रेस सरकार ने बीजेपी को राज्य में रथयात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी है। बीजेपी की यह रथ यात्रा 42 संसदीय क्षेत्रों से गुजरने वाली थी। यात्रा की अनुमति को लेकर दोनोंपार्टियों के बीच तनातनी चल रही है।

केशरीनाथ त्रिपाठी ने बंगाल के लोगों से लोकसभा चुनावों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा चाहे राजनीतिक हो या आपराधिक उसका विरोध और आलोचना होनी चाहिए।

बसीरहाट दंगों के दौरान त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच हुई कहासुनी के बारे में सवाल पर उन्होंने बताया की प्रत्येक राज्य का कर्तव्य है कि वह बिना किसी भेदभाव के काम करे और सरकार में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखे।

(News Credits: Amarujala)

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